पोलवरम प्राजेक्ट पर तेलुगुदेशम नेता और सहयोगी मीडिया झूठ फैला रही है

पोलवरम प्राजेक्ट पर तेलुगुदेशम नेता और स...

चंद्रबाबु नायुडु आंध्राप्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर रहे पांच साल न बना पाये पोलवरम प्राजेक्ट को मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डि पूरा कर देख कर उसे रोखने के लिए हर कोशिश कर रही है तेलुगुदेशम पार्टी। इस प्रयास मे उसका साथ दे रही है उसके अनुकूल मीडिया। चंद्रबाबु नायुडु पोलवरम प्राजेक्ट बनाने के बहाने ग्राफिक्स के माध्यम से कई भ्रष्टाचार किए। अब न केवल पोलवरम प्राजेक्ट बनने अर्चने डाल रही है बल्की कई झूठी आरोप बना रही है जो कि बे बुनियाद है। इस आरोप को बल देने के तेलुगु देशम पार्टी, उसके सहयोगि मीडिया बहुत ही उछल खूद कर रही है और सरकार पर आरो पर आरोप कर रही है। तेज गती से बन रही पोलवरम प्राजेक्ट को देख कर उनके आंखो से खून के आंसू निकल रहे है। इसका भडास निकालने के लिए पोलवरम प्राजेक्ट कांट्राक्टर को लाभ करने के लिए परियोजना का मूल्य बढाने का आरोप कर रही है। इस पार्टी को या उसे साथ देने वाली मीडियो को इतना भी नही पता कि अगर पोलवरम परियोजना का मूल्य बढाने या सवारने के लिए केन्द्र जल संघ का आमोदन प्राप्त करना चाहिए। परियोजना का निर्माण पूरा केन्द्र जल संघ के अध्यक्ष में एक विशेष प्राधिकरण की देखरेख में होती है। निर्माण में कोई भी परिवर्तन या बदलाव के लिए अंतिम अधिकार यह संघ के हाथ मे होता है। राज्य सरकार केवल निर्माण कर देखरेख का काम करती है। पोलवरम परियोजना देश में ही बल्की दुनिया में भी सबसे बडे सिंचाई परियोजनाओं में एख माना जाता है। ये सबसे बडे बाढ बदलने का प्राजेक्ट है, इस कारण इसके डिजाइन को भी केन्द्र सरकार के एजेन्सियों ही देखबाल करती है। विशेष रूप से डयाफ्राम वाल, अप्पर काफर डाम के अलावा मिट्टि के निर्माण भी बाढ के कारण कट गए। पिछले राज्य सरकार के इंजिनीयरिंग नियमों के विरुद्ध बनाने के कारण बहुत नुकसान भी हुआ। इसे ध्यान में रखते हुए अगर 50 लाख क्युसेक का बाढ का पानी आया भी तो उसे बर्दाश्त करे जैसा, स्पिल वे से होते हुए पानी आसानी से बहे जैसा केन्द्र जल संघ ने डिजाईन बदला है। इन परिवर्तनों के कारण निर्माण कार्य में अंतर विशेष रूप से काम में वृद्धि कर रही है। केवल अप्रोच चेनेल में ही लगभग एक करोड बीस लाख क्यूबिक मीटर मिट्टी की खुदाई करनी पढेगी। यह पहले से चार गुना अधिक है। इस तरह डिजाईन और काम में परिवर्तन केवल केन्द्र जल संघ करती है। तीन और डिजाइनों को मंजूरी की जरूरत है। कल तक तेलुगुदेशम पार्टी अब तक पोलवरम पूरा नही हुआ है, एक कांक्रीट का काम नही हुआ, प्राजेक्ट काम रुख गया है कहते हुए राज्य सरकार पर हर दिन लोगों में गलत सहमी भर रही है। लेकिन यह सब झूठ है। तेलुगुदेशम पार्टी का अब एक ही काम बन गया है की कब मौका मिलेगा, कब सरकार पर इस पर गलत आरोप बनाकर लोगों में नीचा दिखाना ही उसका मतलब है। वास्तव में, आंध्र प्रदेश सरकार ने हाल ही में केंद्रीय जल बोर्ड के सुझाव के अनुसार पिछले कामों के साथ पोलावरम परियोजना में अतिरिक्त कार्यों को जोड़ा है। इसके अनुसार, जगन सरकार ने हाल ही में न्यायिक स्वीकृति के साथ 683 करोड़ रुपये के कार्यों के लिए निविदाएं मांगी हैं। हालांकि, DDRP के सदस्यों ने हाल ही में पोलावरम प्राजेक्ट के काम के विकास को देखकर खुश हुए। और प्राजेक्ट के सुरक्षा के लिए कुछ नये डिजाईन भी सुझाया। इसके अनुसार पुराने अग्रिमेन्ट के अलावा नये कामों को जोडने से प्राजेक्ट का मूल्य बढ गया है। ये सब CWC के निर्देशों के अनुसार ही हुऐ है। स्पिल वे चेनेल अण्ड कटाफ डया फ्रमवाल स्पिल वे चैनल के अंत में 12 मीटर की गहराई से 1354 मीटर की लंबाई वाली दिवार बनाई जायेगी। यह स्पिलवे चैनल में बनी कंक्रीट ब्लॉक इसे कीचड़ फैल से आने वाले भारी बाढ़ के प्रवाह से दूर होने से रोकती हैं। यह डायाफ्राम दीवार कंक्रीट ब्लॉक और कीचड़ को फैलने से जारी भारी बाढ़ प्रवाह की गति से दूर होने से रोकती है। इसके लिए 83.17 करोड़ रुपये खर्च होगी। गैप-2 मे जमीन को सख्त करने का काम परियोजना में सबसे अहम एर्थ कम् रॉक फिल डाम बनाने के लिए, पहले नदी में रेत को लगभग 100 फीट की गहराई तक पटिष्ट करते हुऐ जमीन को सख्त करना पढता है। इसे vibro compression कहते है। यह मिट्टी को सख्त करता है और रेत के साथ अंतर को भरता है। अब परिवर्तित डिजाइनों के अनुसार ईंट को कंकर से भरना बहुत जरूरी है। इसे स्टोन कालम्स कहते है। इसी तरह जमीन को गहराई से सख्त करने के काम को डीप साईल मिक्सिंग कहते है। ऐसा करने से जमीन मे कोई खाली न रखते हुए एक पत्थर की तरह मजबूत बना देती है। इस पर अर्थ कमं रॉक फिल डाम बनाया जाएगा। ऐसा करने से ड्रिप का पानी जमीन से नीचे गिरने से बचेगा, जिससे अर्थ कमं रॉक फिल डाम मजबूत बनने में मदद होगी। केनद्रीय जल संघ के निर्देशन के अनुसार 211.12 करोड रूपये मूल्य के इन काम के लिए एक नया टेंडर बुलाया गया है। गैप-1, गै-3 में डाम का निर्माण आंध्रप्रदेश सरकार के रिवर्स टेंडरिंग में MEIL ने पोलवरम हेड वर्क्स निर्माण का काम पाया। इसके तहत गैप-1 में केवल एर्थ कम् रॉक फिल डाम ही बनाने का है। लेकिन केन्द्र जल बोर्ड के विशेषज्ञों के अनुसार 586 मीटर लंबे एर्थ कम् रॉक फिल डाम बनाने का सुझाव दिया। इशके लिए जमीन के अंदर से प्लास्टिक कांक्रिट डाम के अलावा, स्टोन कालम्स, डीप साईल मिक्सिंग का काम भी करने का सुझाव दिया है। इस कामों के लिए 242.87 करोड रूपये लागत के लिए टेंडर बुलाया गया था प्लास्टिक कंक्रीट के बांध, साथ ही साथ स्टोन कालम, डीप साईल मिक्सिंग से पानी कही भी लीक होने से रोखती है। ऐसा करने से बगल में बन रही जल विद्युत परियोजना की सुरक्षा भी होगी। गैप -3 में भी, केवल पहले समझौते के अनुसार एर्थ डाम बनाया जाना है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से, यह सुझाव दिया गया है कि एथ्र डाम के बजाय 140 मीटर लंबे स्पिलवे लेवल पर एक कंक्रीट डाम बनाना चाहिए। इसके टेन्डर बुलाया गया और इसकी लागत 11.64 करोड़ रुपये है।


PostedOn: 27 Apr 2021 Total Views: 154




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